बिलासपुर। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे में 77वां गणतंत्र दिवस समारोह मुख्यालय बिलासपुर सहित तीनों रेल मंडलों बिलासपुर, रायपुर एवं नागपुर में आज दिनांक 26 जनवरी 2026 को परंपरा, गरिमा एवं उत्साहपूर्ण वातावरण में मनाया गया। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे मुख्यालय, बिलासपुर में आयोजित मुख्य समारोह में महाप्रबंधक, दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे श्री तरुण प्रकाश ने प्रात: 09.00 बजे एन.ई. इंस्टीट्यूट ग्राउंड, बिलासपुर में राष्ट्रीय ध्वज फहराया। ध्वजारोहण के पश्चात उन्होंने उपस्थित रेल अधिकारियों, कर्मचारियों, उनके परिजनों, विद्यार्थियों, यूनियन एवं एसोसिएशन प्रतिनिधियों, मीडिया कर्मियों तथा गणमान्य नागरिकों को संबोधित किया। अपने संबोधन में महाप्रबंधक ने कहा कि 77वां गणतंत्र दिवस हमारे लोकतांत्रिक मूल्यों, संवैधानिक मर्यादाओं एवं राष्ट्रीय एकता के प्रति अटूट प्रतिबद्धता को सुदृढ़ करता है तथा यह राष्ट्र निर्माण में प्रत्येक नागरिक के कर्तव्यों एवं दायित्वों का स्मरण कराता है।
उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता के उपरांत भारत ने प्रगति, नवाचार और आत्मनिर्भरता की दिशा में उल्लेखनीय उपलब्धियाँ हासिल की हैं तथा इस राष्ट्रीय विकास यात्रा में दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ने आधारभूत संरचना के विकास, सुरक्षित एवं विश्वसनीय रेल परिवहन तथा जनसेवा के क्षेत्र में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है। महाप्रबंधक ने बताया कि दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे भारतीय रेलवे के अग्रणी माल लदान एवं राजस्व अर्जन करने वाले जोनों में शामिल है। वर्तमान वित्तीय वर्ष 2025-26 में रेलवे ने मात्र 287 दिनों में, 12 जनवरी को, 200 मिलियन टन माल लदान का महत्वपूर्ण आँकड़ा गत वर्ष की तुलना में 8 दिन पूर्व ही प्राप्त कर लिया तथा माल ढुलाई से ?23,655 करोड़ से अधिक का राजस्व अर्जित किया। दिसंबर 2025 तक 56.5 प्रतिशत ऑपरेटिंग रेशियो के साथ यह जोन भारतीय रेलवे में अग्रणी रहा। उन्होंने यह भी कहा कि यह उपलब्धि समस्त रेलकर्मियों के समर्पित, निष्ठावान एवं सामूहिक प्रयासों का परिणाम है। भारतीय रेल द्वारा आयोजित 70वें अति विशिष्ट रेल सेवा पुरस्कार–2025 में दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे को ट्रैफिक ट्रांसपोर्टेशन शील्ड से सम्मानित किया जाना इसी प्रतिबद्धता एवं उत्कृष्ट कार्यसंस्कृति का प्रमाण है।
यात्री सुविधाओं के संबंध में महाप्रबंधक ने बताया कि रायपुर–जबलपुर के मध्य गोंदिया एवं बालाघाट होते हुए नई एक्सप्रेस रेल सेवा तथा रायपुर एवं धर्म नगरी राजिम के मध्य यात्री रेल सेवाएँ प्रारंभ की गई हैं, जिससे क्षेत्रीय संपर्क में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। यात्रियों की बढ़ती मांग को ध्यान में रखते हुए वर्ष 2025 में विभिन्न पर्वों एवं मेलों के अवसर पर 129 विशेष ट्रेनों के 302 फेरे संचालित किए गए तथा आवश्यकतानुसार स्थायी एवं अस्थायी कोच लगाए गए। उन्होंने कहा कि यात्री सुविधाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए इस वित्तीय वर्ष में 12 नए फुट ओवर ब्रिज, 14 एस्केलेटर, 5 लिफ्ट, प्लेटफॉर्म ऊँचाई में वृद्धि तथा कोच गाइडेंस डिस्प्ले सिस्टम की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। सडक़ एवं रेल यातायात को अधिक सुरक्षित बनाने के उद्देश्य से दिसंबर 2025 तक 7 रोड ओवर ब्रिज एवं 9 रोड अंडर ब्रिज का निर्माण पूर्ण किया गया है। डिजिटल पहल पर प्रकाश डालते हुए महाप्रबंधक ने बताया कि यूटीएस ऑन मोबाइल एवं रेलवन ऐप के माध्यम से डिजिटल टिकटिंग को बढ़ावा मिला है। दिसंबर 2025 में कुल अनारक्षित टिकटों में से 23.58 प्रतिशत टिकट मोबाइल ऐप से बुक किए गए, जिसके आधार पर दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ने भारतीय रेलवे में तृतीय तथा गैर-उपनगरीय रेलों में प्रथम स्थान प्राप्त किया। पीआरएस काउंटरों पर डिजिटल भुगतान मार्च 2025 के 5 प्रतिशत से बढक़र दिसंबर 2025 में 41.25 प्रतिशत तक पहुँच गया है।
उन्होंने कहा कि यात्रियों की समस्याओं के त्वरित समाधान हेतु मुख्यालय सहित तीनों मंडलों में वार रूम कार्यरत हैं। इसी दिशा में किए गए उत्कृष्ट कार्यों के लिए भारतीय रेलवे द्वारा दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे को रेल मदद शील्ड से सम्मानित किया गया है। आधारभूत संरचना विकास पर महाप्रबंधक ने बताया कि वर्तमान वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान नई रेल लाइन, दोहरीकरण तथा तीसरी-चौथी लाइन सहित कुल 57 किलोमीटर रेल खंड का कमीशन किया गया है। इसके साथ ही 162 रूट किलोमीटर ऑटो सिग्नलिंग, नई इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग प्रणाली तथा इंटरलॉकिंग उन्नयन से परिचालन संरक्षा एवं दक्षता में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। ‘कवच’ प्रणाली के परीक्षण एवं प्रशिक्षण से रेल संरक्षा को और अधिक सुदृढ़ किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के 50 स्टेशनों का ?1939.44 करोड़ की लागत से पुनर्विकास किया जा रहा है। पर्यावरण संरक्षण के तहत सौर ऊर्जा, जल संरक्षण एवं हरित पहल को भी निरंतर बढ़ावा दिया जा रहा है। महाप्रबंधक ने वर्कशॉप एवं उत्पादन इकाइयों की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए बताया कि रिकॉर्ड आरओएच एवं पीओएस आउटटर्न हासिल किया गया है तथा स्क्रैप निस्तारण एवं त्रद्गरू के माध्यम से खरीद में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। यात्रियों की सुरक्षा के संबंध में उन्होंने कहा कि ‘ऑपरेशन नन्हे फरिश्ते’, ‘ऑपरेशन अमानत’ एवं ‘ऑपरेशन यात्री सुरक्षा’ जैसे अभियानों के माध्यम से रेलवे सुरक्षा बल ने यात्रियों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को प्रभावी ढंग से सिद्ध किया है। मानव संसाधन को रेलवे की सबसे बड़ी पूँजी बताते हुए महाप्रबंधक ने कहा कि नई भर्तियों, पदोन्नतियों, स्वास्थ्य सुविधाओं, महिला एवं बाल कल्याण कार्यक्रमों तथा टीबी उन्मूलन अभियान के माध्यम से कर्मचारियों एवं उनके परिवारों के कल्याण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
उन्होंने राजभाषा हिंदी के प्रचार-प्रसार, खेल उपलब्धियों, महिला कल्याण संगठन, सिविल डिफेंस, स्काउट एवं गाइड, सेंट जॉन एम्बुलेंस, ट्रेड यूनियन, एसोसिएशन तथा मीडिया के योगदान की सराहना की और सभी के सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया।
अंत में महाप्रबंधक ने गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएँ देते हुए सभी से राष्ट्र एवं रेलवे के सतत विकास में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। समारोह के दौरान रेलवे सुरक्षा बल, सिविल डिफेंस, सेंट जॉन्स एम्बुलेंस, एन.सी.सी. तथा स्काउट एवं गाइड द्वारा आकर्षक मार्च पास्ट प्रस्तुत किया गया। स्कूली बच्चों द्वारा ड्रिल, पी.टी. एवं देशभक्ति से ओतप्रोत सांस्कृतिक कार्यक्रमों की मनमोहक प्रस्तुतियाँ दी गईं। कार्यक्रम के अंत में उत्कृष्ट कार्य करने वालों को पुरस्कार प्रदान कर गणतंत्र दिवस समारोह का समापन किया गया।
रेलवे मुख्यालय बिलासपुर में महाप्रबंधक तरुण प्रकाश ने फहराया राष्ट्रीय ध्वज



