रायगढ़। रेलवे स्टेशन में विगत कुछ दिनों से जांच व सुरक्षा व्यवस्था खत्म हो गई है, साथ ही यहां लगे बैग स्केनर मशीन में भी ताला लटका हुआ है, ऐसें में तस्करों के लिए रेल मार्ग एक सुगम यात्रा बन गया है। वहीं पूर्व में कड़ाई से जांच होने पर कई बार तस्कर पकड़ में आए थे, लेकिन अब जांच के अभाव में तस्करी को सह मिलता नजर आ रहा है।
उल्लेखनीय है कि रेलवे स्टेशन आने व जाने वालों पर नजर बनाए रखने के लिए रेलवे विभाग द्वारा सीसीटीवी सहित अन्य जांच की सुविधाएं उपलब्ध कराई है, लेकिन इसका सही उपयोग नहीं होने की स्थिति में तस्कर अब सडक़ मार्ग से सुरक्षित रेल मार्ग को मान रहे हैं, लेकिन इसके बाद भी स्टेशन में किसी प्रकार की जांच होता दिखाई नहीं दे रहा है। वहीं पूर्व में प्लेटफार्म सहित स्टेशन परिसर में लगातार जांच होने से कभी अवैध शराब तो कभी गांजा के साथ तस्कर पकड़ाते थे, लेकिन अब विगत कुछ दिनों से जांच लगभग ठंडी पड़ गई है। जिसके चलते न तो ट्रेन में चढऩे वालों की जांच होती है और न ही उतरने वालों की जिसके चलते आसानी से तस्कर निकल जा रहे हैं। साथ ही पूर्व में हो रही अवैध सामानों की परिवहन को देखते हुए रेलवे द्वारा स्टेशन के मुख्य गेट में लाखों रुपए की लागत से बैग स्केनर मशीन लगाया गया था, ताकि स्टेशन आने व जाने वालों की सामानों की जांच हो सके, लेकिन इन दिनों इस मशीन में भी ताला लटका हुआ है। जिसका फायदा तस्कर आसानी से उठा रहे हैं।
बंद है बैग स्कैनर मशीन
स्टेशन में यात्रियों के सामानों की जांच के लिए कुछ साल पहले रेलवे विभाग द्वारा 18 लाख रुपए की लागत से बैग स्कैनर मशीन तो लगाया गया है, लेकिन इसको चलाने वाला कोई नहीं है। जिसके चलते इसमें ताला लटका रहता है। जिसको लेकर संबंधित विभाग भी उदासिनता बरत रही है। ऐसे में स्टेशन आने व जाने वालों की सामानों की जांच नहीं होने की स्थिति तस्कर भी अन्य यात्रियों की तरह बैग में अवैध सामान रखकर आसानी से निकल जा रहे हैं और इसकी भनक आरपीएफ व जीआरपी को नहीं लग रही है।
तस्करों को मिला नया गेट
उल्लेखनीय है कि सडक़ मार्ग में जिला पुलिस द्वारा लगातार अवैध मादक पदार्थों की जांच की जा रही है, जिसके चलते तस्करों के लिए रेल मार्ग सुगम हो गया है। ऐसे में ट्रेन आते ही मेन गेट का उपयोग कम और तीसरे गेट का उपयोग ज्यादा हो रहा है। जिसके चलते इन दिनों रेलवे पुलिस के हाथ कोई भी तस्कर नहीं आ रहे है। ऐसे में यह रास्ता रस्करों के लिए बरदान साबित हो रहा है।
सीसी टीवी के भरोसे सुरक्षा
उल्लेखनीय है कि जब से रेलवे स्टेशन परिसर में सीसीटीवी कैमरों की संख्या बढ़ाई गई है, तब से पुलिस सुरक्षा सुस्त पड़ गई है। ऐसे में बताया जा रहा है कि कैमरे से जांच हो रही है, लेकिन जब से कैमरे लगे हैं, तब से एक भी तस्कर रेलवे पुलिस के हाथ नहीं आए हैं, साथ ही ट्रेन आने पर पुलिस की मौजूदगी भी नजर नहीं आती, साथ ही तस्कर भी कैमरे की नजर से बचते हुए अपनी मनसुबों पर खरे उतर रहे हैं और रेलवे पुलिस हाथ पर हाथ धरे बैठी हुई है।
स्टेशन में लगी लाखों की बैग स्केनर मशीन बना शो-पीस
