रायगढ़। लोहरसिंह में एक किसान के खेत में चल रहे नहर निर्माण को लेकर किसान ने जहर सेवन कर लिया। जिसके बाद मौके पर मौजूद प्रशासनिक व पुलिस टीम ने पहले पुसौर अस्पताल लेकर गए, लेकिन उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए डाक्टरों ने रायगढ़ रेफर कर दिया, जिससे मेडिकल कालेज अस्पताल में उपचार चल रहा है।

इस संबंध में मिली जानकारी के अनुसार बुधवार को पुसौर ब्लाक के ग्राम पंचायत लोहरसिंह में केलो परियोजना का नहर निर्माण चल रहा था, इस दौरान मौके पर पुलिस व प्रशासन की टीम के मौजूदगी में खोदाई शुरू हुआ। इस दौरान स्थानीय निवास रविशंकर गुप्ता के खेत में माइनर नहर और मेन नहर निकला है। जिसको लेकर उसका पूरा परिवार विरोध करने पहुंचा था। इस दौरान पीडि़त का कहना था कि अगर दोनों नहर उसके खेत से निकलता है तो उसका रोजी-रोटी खत्म हो जाएगा। ऐसे में एक नहर खेत से निकले और दूसरा नहर बगल के सरकारी जमीन से निकले, ताकि उसके खेत का कुछ हिस्सा बच सके। इसी बात को लेकर प्रशासन व किसान में काफी देर तक बहस चली, लेकिन उसके बाद भी प्रशासन की तरफ से उसके खेत में ही नहर खुदाई का काम शुरू कर दिया गया। इससे परेशान होकर रविशंकर गुप्ता ने जहर का सेवन कर लिया। इसकी जानकारी होते ही मौके पर मौजूद पुलिस व प्रशासनिक टीम में हडक़ंप की स्थिति निर्मित हो गई और आनन-फानन में उसे पुसौर अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डाक्टरों द्वारा प्राथमिक उपचार के बाद उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए रायगढ़ रेफर कर दिया। जिससे दोपहर करीब दो बजे उसे मेडिकल कालेज अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां स्थिति गंभीर होने के कारण आईसीयू में उपचार चल रहा है।
क्या कहते हैं परिजन
इस संबंध में पीडि़त किसान के परिजनों का कहना है कि बार-बार मांग के बाद भी बुधवार को केलो परियोजना के अधिकारी मौके पर पहुंचे और खोदाई शुरू कर दिया। इस बात को लेकर गांव के अन्य लोगों के साथ विरोध किया गया। साथ ही प्रशासनिक अधिकारियों समक्ष अपनी मांग रखी गई, लेकिन पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों ने दबाव पूर्वक काम शुरू कर दिया। साथ ही पीडि़त परिवार का यह भी कहना था कि हमारे ही खेत से दो-दो नहर निकल जाने से पूरी खेत ही चला जा रहा है, इससे अब उनकी जिविका पूरी तरह से खत्म हो जाने के कारण भूखों करने की स्थिति निर्मित हो जाएगी।
नहीं उठाया मुआवजा राशि
वहीं बताया जा रहा है कि नहर निर्माण के लिए भूमि अधिग्रहण का कार्य 2012 में हुआ था, उस समय मुआवजा राशि जारी किया गया था, लेकिन अभी तक किसी ने भी मुआवजा नहीं लिया है। ऐसे में अब इनका मांग है कि आज के डेट में जो मुआवजा बन रहा है उस हिसाब से देना चाहिए। ताकि उनका आजीविका चल सके। हालांकि रविशंकर गुप्ता के परिजनों का कहना है कि उसके खेत से एक ही नहर निकाली जाए, अगर दो नहर निकलती है तो पूरे परिवार आत्महत्या के लिए बाध्य होंगे।



