सक्ती। पर्यावरण संरक्षण और कृषि भूमि की सेहत सुधारने के संकल्प के साथ आज ग्राम पंचायत टेमर में विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर एक विशेष और बेहद मार्गदर्शक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान जहाँ एक ओर ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के तहत व्यापक स्तर पर वृक्षारोपण किया गया, वहीं दूसरी ओर कृषि विभाग द्वारा ‘खेत बचाओ अभियान’ के अंतर्गत किसानों को जागरूक किया गया।
इस गरिमामयी कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में जनपद पंचायत सक्ती के कृषि स्थाई समिति के सभापति श्री टंकेश्वर कुमार पटेल उपस्थित रहे। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एवं जनपद पंचायत सक्ती के कृषि स्थाई समिति के सभापति टंकेश्वर कुमार पटेल ने अपने उद्बोधन में कहा कि.धरती और पर्यावरण हमारे जीवन का आधार हैं। आज बढ़ती ग्लोबल वार्मिंग और असंतुलित मौसम चक्र को देखते हुए हमें पर्यावरण संरक्षण के प्रति बेहद गंभीर होना पड़ेगा। ‘एक पेड़ माँ के नाम’ सिर्फ एक नारा नहीं, बल्कि हमारी धरती माँ के प्रति हमारी जिम्मेदारी है।
इसके साथ ही, हमारा ‘खेत बचाओ अभियान’ आज के समय की सबसे बड़ी जरूरत बन चुका है। अत्यधिक रासायनिक खादों के उपयोग से हमारी उपजाऊ भूमि बंजर होने की कगार पर है। मैं अपने किसान भाइयों से अपील करता हूँ कि वे कृषि विभाग की सलाह मानें, हरी खाद और ढेंचा बीज का अधिक से अधिक उपयोग करें ताकि हमारी मिट्टी की सेहत सुधरे और आने वाली पीढिय़ों के लिए खेती बची रहे। जनपद पंचायत सक्ती किसानों को समृद्ध और उनकी जमीनों को सुरक्षित बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। कार्यक्रम की विशिष्ट अतिथि के रूप में ग्राम पंचायत टेमर सरपंच चंद्र कुमार सोनी ने अध्यक्षता की।
‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के तहत रोपे गए पौधे
विश्व पर्यावरण दिवस को यादगार बनाते हुए अतिथियों, कृषि अधिकारियों और ग्रामीणों ने मिलकर पंचायत परिसर व आस-पास के क्षेत्रों में ‘एक पेड़ माँ के नाम’ थीम पर पौधे लगाए। उपस्थित जनों ने न केवल पौधे रोपने का, बल्कि उनके बड़े होने तक उनकी पूरी देखभाल करने का भी संकल्प लिया।
किसानों ने लिया यथार्थ रूप में प्रयोग करने का संकल्प
कार्यक्रम के समापन पर उपस्थित सभी किसान भाइयों ने कृषि विभाग की इस जनहितैषी और दूरदर्शी कार्यप्रणाली की जमकर प्रशंसा की। किसानों ने कृषि अधिकारियों द्वारा दी गई वैज्ञानिक जानकारियों, हरी खाद के प्रयोग और संतुलित खाद के सिद्धांतों को अपने खेतों में यथार्थ रूप में लागू करने का दृढ़ संकल्प लिया।
संतुलित उर्वरक और हरी खाद से सुधरेगी भूमि की सेहत
कृषि विभाग कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में पहुँचे कृषि विभाग के अधिकारी पवन कुमार मिरी ने उपस्थित किसानों को वर्तमान परिदृश्य में खेती-किसानी से जुड़ी समसामयिक और बेहद महत्वपूर्ण जानकारियाँ दीं। किसानों को संबोधित करते हुए श्री मिरी ने कहाआज के समय में रासायनिक खादों के अंधाधुंध उपयोग से हमारी जमीन की उपजाऊ क्षमता कम हो रही है। यदि हमें अपनी खेती और आने वाली पीढ़ी को बचाना है, तो ‘खेत बचाओ अभियान’ को अपनाना होगा। किसानों को अब संतुलित उर्वरक उपयोग की ओर बढऩा चाहिए। उन्होंने भूमि की उर्वरा शक्ति को प्राकृतिक रूप से बढ़ाने के लिए हरी खाद के अधिक से अधिक उपयोग पर जोर दिया। इसके साथ ही उन्होंने कृषि विभाग में रियायती दरों पर उपलब्ध ढेंचा बीज और उसके चमत्कारी लाभों के बारे में विस्तार से जानकारी दी, ताकि किसान इसका अधिकतम लाभ उठा सकें।
प्रगतिशील किसानों और जनप्रतिनिधियों की रही गरिमामयी उपस्थिति
इस महती कार्यक्रम को सफल बनाने में स्थानीय जनप्रतिनिधियों और बड़ी संख्या में किसान साथियों का सराहनीय योगदान रहा। कार्यक्रम में मुख्य रूप से पंचायत प्रतिनिधि सचिव संजू महिलांगे, पंच कुलदीप पटेल, नितुंजय पटेल, गोवर्धन कुमार, राजेंद्र कुमार, शेषनारायण पटेल, प्रतिनिधि घनश्याम पटेल। गणमान्य नागरिक व कृषक: मोहन साहू, ओमप्रकाश देवांगन, रामकुमार देवांगन, घुमा देवांगन, मोहन पटेल, रविशंकर पटेल, मोतीलाल खूंटे, सागर रात्रे सहित क्षेत्र के अत्यधिक संख्या में किसान साथी उपस्थित रहे।



