जशपुरनगर। उरांव समाज के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष कृपा शंकर भगत ने पत्र में कहा कि ग्राम-कुरोंग, इरईपाठ, धौराकोना, जो कि पहुंच बिहीन एवं दुर्गम क्षेत्र के रूप में है। जो कि आजादी के आज पर्यन्त तक रोड़ एवं मूलभूत समस्याओं से जूझ रहा है। जिनकी समस्याओं का समाधान करने वाला कोई नहीं है उनके द्वारा दुख पूर्वक यह मांग को स?द्भावनापूर्ण तरीके से प्रकृति के घनघोर पहाड़ो और गुफाओं के बीच में अपने देवाधी देव महादेव जिसे की गाजी सिकरिया देव के रुप में अनादिकाल से पूजा पाठ करते हुए प्राकृतिक दर्शनीय स्थल पताल तोड़ गुफा जिस गुफा में वे लोग पूजा पाठ कर ग्यारह बारह बजे प्रवेश कर जाते है तो वे लोग शाम के 05 से 06 बजे निकलते है। जिससे मैं साक्षात रुप से उनकी गम्भीर समस्याओं को देखते हुए और अनुभव करते हुए रूह कॉप गए और हम सब इतने अत्याधुनिक साधन संसाधन होने के बावजूद भी अगर हम महामहिम राष्ट्रपति के दत्तक पुत्रो के लिए मूलभूत सुविधा नहीं दिला पाये है, तो इससे बड़ी दुख की बात संसार में नहीं हो सकता। यह पत्र उनके सीधे-साधे प्रकृतिक पुत्रो के भोले-भाले एवं प्राकृतिक तरीके से जीवन जीने की सरलता सहजता नशा-पान से दुर मांस मदिरा से दुर रहते हुए अनेको वर्षों से सत्य सनातन हिन्दु धर्म के समवाहकों को देखकर एवं उनके अविरल प्रेम और स्वागत की प्राकृतिक तरीको से प्राकृतिक फुलों से आशा भरी एवं पथराई नजरों से स्वागत करते हुए और जिस दुख को उनके द्वारा प्रदर्शित करने का तरीका से जिस तरीके से बीमार एवं डिलवरी 08 से 10 कि.मी. गेडुवा भार में ढोकर आज के आधुनिक युग में भी अपने समाजिक बन्धुओं को स्वास्थ्य सुविधा के लिए पहुंचाते है उसी तर्ज पर मुझे एवं हमारे पार्टी के पदाधिकारियों एवं पत्रकार साथियों को ढोकर के बहिंगा एवं गेड़वा-भार लेकर के 08 से 10 कि.मी. पूर्व आए थे। जिस दुखद मंजर को देखकर सर तले असमान पाव तले जमीन एवं हृदय के कई टुकड़े हो चुके है। भगत ने निवेदन किया कि, उपरोक्त गम्भीर समस्या के सामाधान के लिए जल्द से जल्द उचित कार्यवाही करने की कृपा करें।



